GK – 11/08/2014


1) भारत के पूँजी बाजार की नियामक संस्था SEBI ने अर्थव्यवस्था के दो प्रमुख क्षेत्रों – रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए व्यावसायिक ट्रस्टों की स्थापना और लिस्टिंग के अंतिम दिशानिर्देशों को 10 अगस्त 2014 को जारी कर दिया। इनका मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में अधिकाधिक विदेशी और घरेलू पूँजी का निवेश सुनिश्चित करना है। दोनों क्षेत्रों की इन व्यावसायिक ट्रस्टों को किन नाम से जाना जायेगा? – रियल एस्टेट इन्वेस्टमेण्ट ट्रस्ट (REITs) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेण्ट ट्रस्ट (InvITs)

व्याख्या : उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन ट्रस्टों के बारे में घोषणा 10 जुलाई 2014 को पेश वर्ष 2014-15 के आम बजट में की थी। इन ट्रस्टों के बारे में जारी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि अन्य प्रतिभूतियों की तरह इन ट्रस्टों को भी स्टॉक मार्केट में लिस्ट किया जा सकेगा जिससे रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों से इन ट्रस्टों में निवेश को आकर्षित करना आसान हो जायेगा। विदेशी निवेशकों के अलावा इन ट्रस्टों में बीमा कम्पनियों, पेंशन फण्ड और भविष्य निधियों जैसे घरेलू निवेशकों को भी निवेश करने की अनुमति प्रदान की गई है।

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2) तुर्की के प्रधानमंत्री रेसेप ताय्यिप एर्डोगॉन (Recep Tayyip Erdogan) ने देश में 10 अगस्त 2014 को आयोजित राष्ट्रपति चुनावों में जीत दर्ज की है। इन राष्ट्रपति चुनावों को देश के 91-वर्ष लम्बे इतिहास में क्यों एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया जा रहा है? – क्योंकि यह चुनाव देश के पहले प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हैं जिसमें जनता ने सीधे राष्ट्रपति को चुना

व्याख्या : उल्लेखनीय है कि अभी तक तुर्की में राष्ट्रपति को संसद में जनप्रतिनिधियों द्वारा चुना जाता था लेकिन 2010 में देश में हुए एक जनमत संग्रह (referendum) में जनता ने सीधे राष्ट्रपति को चुनने का मार्ग अपनाया। 10 अगस्त को हुए इस ऐतिहासिक मतदान में 99% मत को गिने जाने के बाद एर्डोगॉन ने 51.95%मत प्राप्त कर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली थी। वहीं उनके मुख्य प्रतिद्वन्दी एकेमेलेद्दीन इहसानओग्लु (Ekmeleddin Ihsanoglu) 38.34% मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि तीसरे प्रत्याशी सेलहतिन डेमिर्तास (Selahattin Demirtas) को 9.71% मत प्राप्त हुए। 60-वर्षीय एर्डोगॉन 2003 से तुर्की की सत्ता पर काबिज हैं। उनकी पार्टी के चार कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बनाए जाने पर प्रतिबन्ध लगाए जाने वाले कानून के कारण उनको अपनी सत्ता को कायम करने रखने की बड़ी चुनौती मिली हुई थी। इसके अलावा उनके तानाशाही शासन का जनता द्वारा किया जा रहा विरोध भी उनके लिए परेशानी का कारण रहा है।

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3) SEBI ने हाल ही में शेयर दलालों के लिए एक नई एकल पंजीकरण सुविधा (single registration for stock brokers) का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इस सुविधा का क्या मुख्य लाभ शेयर दलालों को मिलेगा? – इससे शेयर दलालों को अलग-अलग श्रेणियों जैसे इक्विटी, डेब्ट, इक्विटी डिराइवेटिव, करेंसी डिराइवेटिव, आदि में डील करने के लिए अलग-अलग पंजीकरण नहीं करना होगा जैसी की अभी तक व्यवस्था थी

व्याख्या : इस प्रस्तावित व्यवस्था में SEBI शेयर दलाल/क्लियरिंग सदस्य के तौर पर इच्छुक दलाल का प्रारंभिक पंजीकरण करेगा तथा इसके बाद एक तय प्रक्रिया को पूरा करने के बाद उसे अन्य शेयर बाजार/क्लियरिंग कॉरपोरेशन की सदस्यता प्रदान कर दी जायेगी। अब शेयर दलाल को अलग-अलग श्रेणी की प्रतिभूतियों के लिए अलग-अलग प्रमाण पत्रों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

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4) अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा 8 अगस्त 2014 को हस्ताक्षरित उस नए कानून का क्या नाम है जिसके तहत राष्ट्रपति को समीपवर्ती पूर्व व दक्षिण-मध्य एशिया (Near East and South Central Asia) में एक विशेष दूत की तैनाती का अधिकार मिल गया है? – ‘Near East and South Central Asia Religious Freedom Act’

व्याख्या : कानून बनाने के लिए लाए गए इस विधेयक को अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रज़ेन्टेटिव्स ने 25 जुलाई को तथा सीनेट ने 29 जुलाई 2014 को पारित किया था। इस नए कानून के तहत नियुक्त किए जाने वाले इस विशेष दूत को समीपवर्ती पूर्व व दक्षिण-मध्य एशिया में स्थित देशों में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को बढ़ावा देने तथा इस अधिकार के हनन होने की परिस्थितियों में उचित कदम उठा कर अमेरिकी सरकार को यथोचित कार्रवाई करने की सिफारिश करना होगा। इस क्षेत्र में तैनात किए जाने वाले इस विशेष दूत को राजदूत के बराबर दर्जा हासिल होगा।

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5) अगस्त 2014 के दौरान प्रकाशित की जाने वाली पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की नई जीवनी ‘स्ट्रिक्टली पर्सनल’ (‘Strictly Personal ‘)का लेखक कौन है? – दमन सिंह, जोकि मनमोहन सिंह की पुत्री हैं

व्याख्या : इस पुस्तक में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल के बजाय वर्ष 2004 से पहले के उनके तथा उनकी पत्नी गुरशरन कौर के जीवन की घटनाओं को बयान किया गया है।

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